म्यूचुअल फंड्स बाज़ार से जुड़े उत्पाद होते हैं जिनमें विभिन्न प्रकार के जोखिम होते हैं और उनके रिटर्न्स की गारंटी नहीं होती। सही म्यूचुअल फंड चुनने में न केवल उसके निवेश के उद्देश्य, रिटर्न की संभावना को देखना बल्कि उसके जोखिम का मूल्यांकन करना भी शामिल है। चूँकि जोखिम की वरीयता सहित प्रत्येक निवेशक का अलग व्यक्तित्व होता है, इसलिए हर निवेशक के लिए म्यूचुअल फंड्स का चुनाव भी अलग होगा। जोखिम की वरीयता के अलावा, प्रत्येक निवेशक के मन में एक निश्चित लक्ष्य होगा जो अपने मूल्य और समय अवधि के मुताबिक अलग होगा। इसलिए सही म्यूचुअल फंड चुनने हेतु किसी व्यक्ति के लिए जोखिम-रिटर्न-समय अवधि मेट्रिक के साथ-साथ अलग-अलग फंड्स का मूल्यांकन करना ज़रूरी है।
चलिए एक उदाहरण के साथ इसे समझते हैं। एक 30-वर्षीय व्यक्ति और एक
अधिक पढ़ें