तो फिर डिस्क्लेमर में यह क्यों लिखा है कि म्यूचुअल फंड्स बाज़ार जोखिम के अधीन हैं?

तो फिर ये क्यों कहते हैं कि म्यूचुअल फंड बाज़ार जोखिम के अधीन हैं?

म्यूचुअल फंड, प्रतिभूतियों में निवेश करते हैं और प्रतिभूतियों की प्रकृति योजना के उद्देश्य पर निर्भर करती है।

उदाहरण के लिए, कोई इक्विटी या ग्रोथ फंड कंपनी शेयरों में निवेश करेगा। कोई लिक्विड फंड डिपॉजिट के सर्टीफिकेट और कॉमर्शियल पेपरों में निवेश करेगा।

ये सभी प्रतिभूतियां हालांकि 'बाज़ार' में ट्रेड होती हैं। कंपनी के शेयर स्टॉक एक्सचेंज द्वारा खरीदे व बेचे जाते हैं, जो पूंजी बाज़ार का हिस्सा होते हैं। इसी तरह से ऋण प्रपत्र जैसे सरकारी प्रतिभूतियां, स्टॉक एक्सचेंज या NDS कहे जाने वाले विशेषज्ञता सिस्टम के माध्यम से ट्रेड की जा सकती हैं। ये प्रतिभूतियों की खरीदारी व बिक्री के लिए बाज़ार की तरह काम करते हैं, जिसमें खरीदार और बेचने वाले विविध प्रकार के होते हैं। इसलिए खरीद व बिक्री की पूरी प्रक्रिया और मूल्य 'बाज़ार' द्वारा निर्धारित होती

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